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    May 28, 2024

    सपना देखना कोई बुरी बात नही, बस उसे पुरा करने की कोशीष नही रूकनी चाहीए – मनीषा संदीप चांद

    1 min read
         Manisha Chand – Founder

    अनघा गृहउदयोग आज हजारो परिवारों को बेहतर और स्वादीस्ट पकवान देने में अग्रेसर है

    आजकल हम भागदौड की जिंदगी में खुद के लिए भी बडी मुश्किल से समय निकाल पाते है, एैसे में दिवाली हो या कोई त्योहार हम मिठाईयाॅ, नमकीन और अन्य पकवान बनाते है या बाहर से मंगवाते है, घरपर सबकुछ नही बना सकते, और मार्केट से हम रेडीमेड पकवान लाकर सबको खिलाते है, जिसमे दाम भी जादा देना होता है और क्वालीटी में भी थोडा उपर निचे करना पडाता है! लेकीन इसी बात को समझते हूए मनीषा संदीप चांद ने घरेलू पदार्थ बनाने का जिम्मा उठाया और वहीसे उनके बिझनेस की शुरूआत हूई!
    महाराष्ट्र के छत्रपती संभाजी नगर में मनीषा संदीप चांद नामक एक महिला रेहती है, उन्होंने अपनी बेटी के नाम पर महिलाओं के लिए गृहउदयोग शुरू किया है! अनाघा गृह उदयोग में स्नॅक्स और दिवाली के पकवान बनानें में विशेषता हासिल की है!
    2011 से उन्होंने गृह उदयोग का प्रारंभ किया, मनीषा मजबुरन एक जाॅब कर रही थी लेकीन मनही मन कुछ करना चाहती थी, लेकीन क्या करे? कैसे शुरूआत करे? एैसे कई प्रश्न उनके सामने खडे थे लेकीन जाॅब करते करते उन्होंने महिलाओं के सहयोग से अनाघा गृहउदयोग शुरू किया और देखते ही देखते उदयोग बढने लगा, उन्हे इस बात का दुख था की वे ज्यादा समय नही दे पाती थी!
    जब उन्होंने जाॅब छोडकर गृहउदयोग में ध्यान देना चाहा तो काफी लोगों ने उनका विरोध किया, उनका हौसला कमजोर करने के कोशिष की गई, लेकीन वे डटी रही, कीसी भी काम को उचा या निचा नही देखा जाता यही बात वो सबको दिखाना चाहती थी, उन्होंने मन में पूरीतरह ठान लिया था की उन्हे इसी उदयोग में सफलता हासिल करनी है, जैसे ही उन्होंने काम करना प्रारंभ कीया, बिना रूके बिना थके वे निरंतर कार्य करती रही और अपने उदयोग व्यापार को आगे बढाती रही!
    देखते ही देखते दुर दुर से उनके पास ऑर्डर्स आने लगे, वे उन्हे पुरा करने में जुटी रहती, 2 साल लगातार वे बिस्तर पर होने के बावजूद वे काम करती रही, घर से ही उन्होने उनके उदयोग व्यापार को बढावा दिया और उनकी सहेलियों के सहयोग से आज वे सफल उदयोजक बन चुकी है, लेकीन उन्हे उनका रेस्टाॅरंट का सपना साकार करना है, और उसी दिशा में उनके कदम आगे बढ रहे है! उनके उदयोग में अन्य महिलाओं को शामील करना चाहती है और उॅंची उडान भरना चाहती है, लोगों का अपनों का साथ और सहयोग वे चाहती है जिनके भरोसे वे उनका सपना सच कर सके और खुद को एक अच्छे बिझनेसमन के रूप में साबीत कर सके! बेहतर सफलता की उम्मीद करते हूए उन्होंने दिवाली के लिए बनाये जाने वाले पकवान में विशेषता हासिल की है! हम रिसिल.इन की और से उनके भविष्य की योजनाओं के लिए ढेरसारी शुभकामनाए देते है!

     

     

                                                                                                                                                                                                                                                        लेखक : सचिन आर जाधव

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