Recent Comments

    test
    test
    OFFLINE LIVE

    Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

    July 18, 2024

    शुभांगी कचरे ने महीलाओं को सम्मान के साथ जिने का रास्ता दिखाया।

    1 min read
    Sanskriti Beauty Parlor & Traning Centre

    निशुल्क ब्युटीपार्लर प्रशिक्षण देकर बनाया सेकडों महीलोको आत्मनिर्भर, ग्रामिण क्षेत्र की महीलाओं को दिया बेहतर प्रशिक्षण।

      शुभांगीजी बीड जीले के अंबेजोगाई मे रहते है, आज वे निरंतर 10 वर्षो से वही अपने भविष्य का सपना सजा रहे है , उन्होंने 2012 में ब्युटी पार्लर एवं ट्रेनिंग सेंटर की शुरूआत की थी , एक छोटी सी जगह उन्होंने अपने पार्लर को शुरू किया था  , उन्होंने शुरूआती दौर से ही इमानदारी से अपने काम को अंजाम दिया , उनके साथ हमेशा उनके माता पीता ने सकारात्मक सहयोग दिया, उनके दोस्त और महीलाओं के विश्वास ने उन्हे आगे बढने में हौसला दिया , उन्होंने काफी लडकीयाॅ और महीलाओं को प्रशिक्षीत कीया, जो उनसे हमेशा के लिए जुड गऐ ।
    शुभांगी जी को कई मुसीबतों का सामना करना पडा, लेकीन ग्रामिण क्षेत्र के महिलाओं का उत्साह देख उन्होंने खुद को मबजुती से उनके साथ खडे  रहे ओर उनके सपनों को उडान देने के प्रयासों मे हमेशा व्यस्त रही, लेकीन एक महीला होने के नाते उन्हें काफी जिम्मेंदारीयाॅ संभालनी पडी , और सारी समस्यांओं का सामना करते हूऐवे आगे बढती रही।
    उस समय उनके क्लासेस में ग्रामिण क्षेत्र की कई महीलाऐ  आती थी, जिन्हें गांव से निकल दुनिया  के साथ चलना था, कुछ सिखना था, कुछ कर दिखाना था, उनका हौसला और जिद देखकर पैसो की चिंता कीऐ बिना शुभांगी जी उन्हें पढाती रही और उनके जिवन में महिलाओं को आगे बढाती रही , उनका संकल्प था की जो जो अपने जीवन मे आगे बढना चाहती थी वे उन्हें तन मन धन से सहयोग देकर आगे बढने की प्रेरणा देती रही।
    उन्होने  ठान लीया था की उन्हें किसी भी हाल मे पीछे नही हटना है, चाहे कितनी भी मुसीबते आऐ कीतनी ही समस्याओं का सामना करना पडे वे डटकर महीलाओं के विकास में निरंतर प्रयास करती रहेगी , उन्हें खुदपर पूरा भरोसा था, इसीलीऐ बीना रूके वे काम करती रही और विकास की राह पर चलती रही।
    उन्होंने स्वयंसिध्दम संस्था के माध्यम से ब्युटीपार्लर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कीया, और उनके आसपास की सभी महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास कीया , स्वयंसिध्दम संस्था पुरे भारत मे हर राज्य में ब्युटीपार्लर का कोर्स पढाने का काम करती है , जिनके माध्यम से महिलाओं को रोजगार दिलाने में भी वे सफल हो सकी है , उन्हें बेहद खुशी है की जिन महिलाओं को उन्होंने प्रशिक्षीत कीया वे सब आज अपने खुद के पैरोपर खडी होकर अर्थाजन भी कर रही है , और खुद का व्यवसाय चला रही है।
    इस सफर मे उन्होंने अब कस नॅशनल कंपनी के साथ मिलकर छात्रों को पढाने का काम कीया है , जिसके माध्यम से उन्हें सकारात्म उर्जा मीली और उन्होंने खुद मे काफी बदलाव मेहसूस कीया।
    जिवन के सफर मे उन्हें हरकदम साथ देनेवाले उनके माता पीता एक गुरू के समान उनके साथ थे , उन्होंने कभी उन्हें हारने नही दिया , हरपल  आनेवाली समस्याओं से जुजने की ताकद देते रहे और हौसला बढाते रहे , घरपरीवार की जिम्मेदारी संभालते हुऐ सारी समस्योंओं को सुलझाते हुए वे आगे बढती रही , क्योकी उन्होंने उनके सपनों से कभी समझोता नही कीया, बल्की जोश के साथ उनके सपने पुरे करने की दिशा में कदम बढाती रही , इस सफर में मेहनत, लगन और निष्ठा के साथ उनके 10 साल कब बित गए उन्हें भी पता नही चला।
    शुभांगी जी ने अपने प्रशिक्षण के दौरान सभी महलाओं को नई नई चीजे सिखाई जो उनके जिवन मे काफी फायदेमंद साबीत होगी , उन्होंने सभी महिलाओं पर विशेष रूप से ध्यान दिया है , यहाॅ महीलाओं को निशुल्क प्रशिक्षीण के साथ प्रशस्ती पत्र दिया जाता है, और साथ ही महीलाओं को ब्युटीपार्लर के साधन भी दिऐ जाते है ताकी वे उनके माध्यम से खुद का बिझनेस शुरू कर सके!
    शुभांगीजी बिड जीले में को कोर्डिनेटर  के रूप में कार्य करती है, उन्होंने आजतक 600 से अधीक महिलाओं को प्रशिक्षीत कीया है ,आज उनके माध्यम से 50 से अधीक महीलाऐ ब्युटीपार्लर प्रशिक्षण के क्षेत्र मे काम कर रही है , उन्हे इन सभी महीलाओं के लीए ठोस काम करना है, उन्हें खुद के बलबुतेपर खडा करना है , ओर जो मेहनत करते है उनकी कामयाबी बडी होती है इस बात पर उन्हे पुरा भरोसा है।
    उन्हें शुरआती दौर मे काफी लोगोंने उनपर सवाल उठाए , उनके नाॅलेज से लेकर उनके अनुभव तक उन्हे कोसा गया , लेकीन वे इमानदारी से अपना काम करती रही , उन्हें विश्वास था एक ना एक दिन वो जीत हासील करेगी, और उन लोगों को उनकी सफलता को स्विकार करना पडेगा, उन्होंने खुदके साथ अन्य महीलाओं को प्रेरीत कीया और क्रांतिज्योती सावित्रीबाई फुले के संघर्ष को सामने रखते हुऐ उनके आदर्शोपर चलने के लीऐ पे्ररीत कीया, और हर महीला को स्वयसिंध्द होने के लिए आश्वस्त कीया , हम शुभांगीजी के हौसले को सलाम करते है और उन्हे भविष्य की सफलता के लिए शुभकामनाऐ देते है!
    अपने हीस्से का काम करना तो दुनिया की रीत है,
      लेकीन वही काम जिजान से करना जिवनसंगीत है!
                                                                                                                                                                                                                                            लेखक: सचिन आर जाधव

    About The Author

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *